अपने करियर के दौरान इशांत शर्मा ने बहुत सुधार किया है। अपने करियर के पहले चरण में उनका औसत 38.44 था, जो कि दूसरे चरण में सुधर कर 27.21 हो गया है। पिछले 33 टेस्ट में उनका औसत 22.90 का रहा है, वहीं पिछले 18 टेस्ट में उन्होंने सिर्फ़ 19.14 की औसत से विकेट लिए हैं।

हालांकि न्यूज़ीलैंड दौरे पर चोट लगने के बाद से उनका औसत बढ़कर 32.71 हो गया है। इस दौरान उन्होंने आठ टेस्ट खेले हैं। पिछले इंग्लैंड दौरे और फिर कानपुर टेस्ट के दौरान कॉमेंटेटर्स ने भी यही कहा कि उनमें लय नहीं दिख रहा है, जिसके कारण उनकी गति और मूवमेंट भी प्रभावित हो रही है।

भारत के नए गेंदबाज़ी कोच पारस महाम्ब्रे की माने तो यह इशांत के बस लय पाने का मामला है। उन्होंने कहा, "इशांत ने लंबे समय से क्रिकेट नहीं खेला है। वह आईपीएल और टी20 विश्व कप में नहीं खेलें। इससे अंतर् पैदा होता है। हम इस पर काम कर रहे हैं। वह इतना अनुभवी हैं कि लय वापस पा जाएंगे।"

कानपुर की दोनों पारियों में इशांत को एक भी विकेट नहीं मिला था, जबकि उन्होंने 22 ओवर किए थे। लेकिन महाम्ब्रे इससे बिल्कुल भी चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा, "इशांत के पास 105 टेस्ट का अनुभव है और यह अनुभव ड्रेसिंग रूम में अंतर पैदा करता है। युवा तेज़ गेंदबाज़ उनसे बहुत कुछ सीखते हैं। हां, वह अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नहीं हैं लेकिन हम इस पर काम कर रहे हैं। लय वापस आने में बस एक या दो मैच लगेंगे।"

क्या इसका मतलब है कि मुंबई टेस्ट में उनकी जगह मोहम्मद सिराज को मौक़ा मिलेगा या दोनों एक साथ खेल सकते हैं? इसके जवाब में महाम्ब्रे ने कहा, "हम विकेट को देखकर निर्धारित करेंगे कि हमें दो तेज़ गेंदबाज़ों के साथ उतरेंगे या तीन। इसी के आधार पर हमारा अंतिम एकादश भी निर्धारित होगा। जो भी खेलेगा, वह अपना सर्वश्रेष्ठ देने की क्षमता रखता है।"

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मुंबई में बारिश के कारण अभ्यास सत्र रद्द हो गया, इस वज़ह से टीम अभी तक पिच भी नहीं देख सकी है। भारत को उम्मीद है कि यह पिच कानपुर से अधिक मददगार होगी।

महाम्ब्रे ने कहा, "कानपुर में हम जीत के बहुत पास आकर चूक गए। यह वैसा पिच नहीं था कि हमारे गेंदबाज़ टर्न हासिल कर लगातार विकेट हासिल कर सके। पिच में उछाल भी नहीं था और वह नीची रह रही थी, इसलिए कई बाहरी किनारे भी लगे तो क्षेत्ररक्षकों तक नहीं पहुंचे। लेकिन फिर भी मैच से कई सकारात्मक परिणाम निकले। उस पिच पर 19 विकेट भी लेना आसान नहीं था।"

महाम्ब्रे, उमेश यादव से बहुत ख़ुश दिखें। उन्होंने कहा, "जिस तरह से उमेश ने दूसरी पारी में गेंदबाज़ी की, वह बेहतरीन है। उन्होंने केन विलियमसन को परेशान किया और विकेट हासिल करने के कुछ बेहतरीन मौक़े बनाए। दुर्भाग्य से वह विकेट नहीं हासिल कर सके। हालांकि उनकी सधी और कसी हुई गेंदबाज़ी से दूसरे छोर के गेंदबाज़ों को भी फ़ायदा हुआ। वह एक बहुत बेहतरीन स्पेल था।"

सिद्धार्थ मोंगा ESPNcricinfo में सहायक संपादक हैं, अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के उप संपादक दया सागर ने किया है