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सैक़ा इशाक़ : कोलकाता के पार्क सर्कस से मुंबई इंडियंस और पर्पल कैप तक का सफ़र

कोलकाता की गलियों में पुरुषों के साथ क्रिकेट खेलने वाली बाएं हाथ की यह स्पिन गेंदबाज़ डब्ल्यूपीएल में बल्लेबाज़ों के लिए काल बन रही हैं

पहले ही मैच में गुजरात के ख़िलाफ़ सैक़ा ने चार विकेट लिए थे  •  BCCI

पहले ही मैच में गुजरात के ख़िलाफ़ सैक़ा ने चार विकेट लिए थे  •  BCCI

सोमवार को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु के ख़िलाफ़ दो विकेट लेने के बाद सैक़ा इशाक़ डब्ल्यूपीएल में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ी की सूची में शीर्ष पर थीं। पर्पल कैप पहनाए जाने के बाद, उन्होंने काफ़ी स्पष्ट शब्दों में कहा, "बोलर हूं, विकेट लेने आई हूं।"
गुरूवार को उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के ख़िलाफ़ तीन और विकेट लिए। उनके इस प्रदर्शन के आधार पर मुंबई इंडियंस की टीम दिल्ली को सिर्फ़ 105 रनों के कुल योग पर आउट करने में सफल रही। मुंबई और दिल्ली के बीच हुआ यह मैच कई मायनों में महत्वपूर्ण था। दोनों टीमें अब तक इस टूर्नामेंट में अपराजेय थीं। दिल्ली की टीम तो लगातार दो मैचों में 200 का आंकड़ा पार कर चुकी थी, लेकन आईपीएल में ग्रांड एंट्री लेने वाली साइका के सामने उनकी एक न चली।
इशाक साउथ कोलकाता के पार्क सर्कस से एक बहुत ही विनम्र पृष्ठभूमि से आती हैं। उन्हें इस खेल से उनके पिता ने परिचित कराया था, जिनका 15 साल पहले निधन हो गया। वह बंगाल के लिए अंडर-19 और अंडर-23 स्तर पर कड़ी मेहनत कर चुकी हैं। हालांकि 2018 में कंधे की चोट ने उन्हें कुछ वर्षों के लिए पीछे धकेल दिया, जिसके कारण उनकी आगे की राह और भी ज़्यादा कठिन हो गई थी।
उस चोट से उबरने के बाद इशाक़ विकेट लेने में क़ामयाब नहीं हो पा रहीं थीं। परिणामस्वरूप बंगाल की टीम से भी उन्हें निकाल दिया गया था। उनका आत्मविश्वास दिन-ब-दिन गिरता जा रहा था लेकिन इस बीच 2021 में उनकी मुलाक़ात बंगाल के बाएं हाथ के स्पिनर शिबसागर सिंह के साथ होती है। उन्होंने सायका की तकनीक में छोटे-मोटे बदलाव करवाए और साथ ही कुछ वीडियो देखने के बाद उन्होंने साइका से कहा कि वह काफ़ी ज़्यादा फ़ुल लेंथ गेंदबाज़ी कर रही हैं। इसके कारण गेंद को टर्न होने का मौक़ा नहीं मिल पा रहा है।
वह दिमाग़वाली (बुद्धिमान) गेंदबाज़ है। कठिन ओवर फेंकने से कभी नहीं डरती। वह पावरप्ले में दो ओवर फेंकेगी और फिर डेथ ओवर में भी गेंदबाज़ी करना चाहेगी। रन तो किसी भी गेंदबाज़ के ख़िलाफ़ बनते ही हैं लेकिन वह हमेशा विकेट लेने के लिए आश्वस्त रहती है।
शिबसागर सिंह
शिबसागर ने ईएसपीएनक्रिकइंफ़ों से कहा, "मैंने देखा कि वह प्रतिभाशाली हैं और उनमें कुछ अलग है। मैंने उनसे कहा कि वह अपनी गेंद की लंबाई को थोड़ी कम करें, जिससे गेंद को घुमाव मिल सके। साथ ही मैंने उनसे यह भी कहा कि वह विकेटों के लिए ज़्यादा प्रयास न करे और सही तरीक़े से गेंदबाज़ी करने पर ध्यान केंद्रित करे।" आगे उन्होंने कहा, "मैंने उनसे कहा कि एक समय पर पूरे ओवर के बारे में न सोच कर, एक ही गेंद पर ध्यान केंद्रित करे। उनकी मानसिकता धीरे-धीरे बदलने लगी। पहले वह कितने ओवर में कितने विकेट लेंगी, यह सोचती थीं।"
भारत के पूर्व हरफनमौला रुमेली धर जब बंगाल की कप्तान थीं, तब इशाक उनके नेतृत्व में खेलती थीं। रूमेली, इशाक की जोशीला और जुझारू चरित्र को काफ़ी पसंद करती थीं।
रूमेली ने कहा, "जब मैं कप्तान थी, तो कई बार मैंने उससे पूछा था कि क्या वह कठिन समय पर विकेट लेने में सक्षम होगी तो वह सीधे 'हां' कहती थी और विकेट भी लेती थी। वह बदमाश (शरारती) है, मौज़-मस्ती करने वाली लड़की है। वह मस्ती करना जानती है और लोगों को हंसाना भी जानती है।"
"(उसकी वापसी के बाद से) वह जानती है कि गेंद को स्पिन करने और बल्लेबाज़ को परेशान करने के लिए उसे कहां गेंद फेंकना चाहिए। उसने सीखा है कि विशिष्ट क्षेत्रों, परिस्थितियों, कप्तानों और कोचों की कॉल का जवाब कैसे देना है। उसकी गेंदबाज़ी में काफ़ी नियंत्रण है।"
इशाक़ ने टूर्नामेंट के पहले ही मैच में गुजरात जायंट्स के ख़िलाफ़ चार विकेट लिए थे। अब तक उन्होंने डब्ल्यूपीएल में 10.1 ओवर गेंदबाज़ी करने के बाद सिर्फ़ 50 रन ख़र्च किए हैं और नौ विकेट लिए हैं।
डब्ल्यूपीएल से पहले शिबसागर पुरुष क्रिकेटरों के साथ प्रशिक्षण के लिए इशाक़ को ईस्ट बंगाल क्लब ले गए। उन्होंने सभी बल्लेबाज़ों से कहा कि वह इशाक़ के ख़िलाफ़ बड़े शॉट्स लगाएं।
शिबसागर ने कहा, "वह दिमाग़वाली (बुद्धिमान) गेंदबाज़ है। कठिन ओवर फेंकने से कभी नहीं डरती। वह पावरप्ले में दो ओवर फेंकेगी और फिर डेथ ओवर में भी गेंदबाज़ी करना चाहेगी। रन तो किसी भी गेंदबाज़ के ख़िलाफ़ बनते ही हैं लेकिन वह हमेशा विकेट लेने के लिए आश्वस्त रहती है।"
उम्मीद है कि डब्ल्यूपीएल अनकैप्ड प्रतिभाओं का पता लगाने और उन्हें राष्ट्रीय टीम में शामिल करने के लिए एक रास्ता तलाशेगा। इशाक़ ने ऐसा प्रदर्शन तब किया है, जब भारत के मौजूदा बाएं हाथ के स्पिनर राजेश्वरी गायकवाड़ और राधा यादव निरंतरता के लिए संघर्ष कर रही हैं।

एस सुदर्शनन ESPNcricinfo सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर राजन राज ने किया है।