इंग्लैंड के सर्वश्रेष्ठ तेज़ गेंदबाज़ जेम्स एंडरसन (39 साल) ब्रिस्बेन में होने वाले पहले ऐशेज़ टेस्ट में नहीं खेलेंगे। इंग्लिश टीम प्रबंधन ने ऐडिलेड में होने वाले डे-नाइट टेस्ट मैच में उन्हें तरोताज़ा रखने के लिए यह फ़ैसला किया है। एंडरसन ने पहले ही कहा था कि उनके लिए ऐशेज़ के सभी पांच मैच खेलना संभव नहीं होगा और वह श्रृंखला के सिर्फ़ तीन मैच खेलने पर ही नज़र बनाए हैं।

2019 में हुए ऐशेज़ में भी चोट के कारण एंडरसन अधिकतर मैचों में नहीं खेल पाए थे। उन्हें एज़बेस्टन के पहले टेस्ट में चोट लगी थी और वह मैच के बीच से ही बाहर हो गए थे। इससे मैच में इंग्लैंड को एक गेंदबाज़ की कमी हो गई थी और वे टेस्ट मैच हार गए थे। इसके बाद कई लोगों ने एंडरसन को फिर से टीम में खेलने पर भी सवाल उठाए थे।

हालांकि एंडरसन ने इसके बाद वापसी करते हुए 17 टेस्ट में 57 विकेट झटके हैं। उन्होंने न्यूज़ीलैंड और इंग्लैंड के ख़िलाफ़ घरेलू सीरीज़ के सभी टेस्ट मैच खेले। वहीं एंडरसन का ब्रिस्बेन के गाबा में रिकॉर्ड कुछ ख़ास नहीं रहा है। वह यहां पर चार मैचों में 75.14 की ख़राब औसत से सिर्फ़ सात विकेट ले पाए हैं, जबकि ऐडिलेड में उन्होंने 29.50 की बेहतरीन औसत से 16 विकेट झटके हैं।

इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा, "जिमी (जेम्स एंडरसन) पूरी तरह फ़िट हैं, उन्हें कोई चोट नहीं है। छह सप्ताह में पांच टेस्ट खेलना आसान नहीं है। इसलिए वह ऐडिलेड में होने वाले दूसरे टेस्ट में खेलते हुए दिखेंगे। 2019 एजबेस्टन टेस्ट की घटना के बाद वह और टीम प्रबंधन उनके फ़िटनेस के बारे में कोई जोखिम नहीं लेना चाहते हैं। उन्होंने सोमवार को अभ्यास सत्र के दौरान पूरी क्षमता से लगभग आधे घंटे तक गेंदबाज़ी की। वह मंगलवार को भी अभ्यास करेंगे। पहले टेस्ट में नहीं खेलने के बावजूद वह इंग्लैंड लायंस टीम के साथ नहीं जाएंगे, बल्कि टेस्ट दल के साथ जुड़े रहेंगे और कोचिंग स्टाफ़ के साथ अपनी गेंदबाज़ी और फ़िटनेस पर काम करेंगे।"

ऐसा भी हो सकता है कि इंग्लैंड पहले टेस्ट में अपने दोनों प्रमुख तेज़ गेंदबाज़ों एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड के बिना ही उतरे। ब्रॉड भी घरेलू सीज़न के दौरान पिंडली की चोट से परेशान हुए थे। ऑस्ट्रेलिया की तैयारी भी क्वींसलैंड के ख़राब मौसम के कारण प्रभावित हुई है।

जॉस बटलर ने कहा,"हम चाहते हैं कि दल का प्रत्येक सदस्य मैच खेलने के लिए तैयार रहे। एंडरसन पहला टेस्ट नहीं खेल रहे हैं, लेकिन वह पूरी तरह से फ़िट हैं। यह एक लंबी सीरीज़ है और हम उन्हें सीरीज़ के महत्वपूर्ण मैचों में उपलब्ध देखना चाहते हैं। एक तरह से यह एहतियाती कदम है। उन्होंने कल अभ्यास सत्र में अच्छी गेंदबाज़ी की और वह आज भी गेंदबाज़ी करेंगे।"

अगर ब्रॉड नहीं खेलते हैं तो स्पिनर जैक लीच को मौक़ा मिल सकता है, वहीं बेन स्टोक्स की वापसी से टीम को संतुलन मिलेगा। हालांकि यह भी अभी निश्चित नहीं है कि वह गेंदबाज़ी करेंगे या नहीं। उन्होंने जुलाई से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में गेंदबाज़ी नहीं की है।

कप्तान जो रुट ने स्टोक्स के बारे में कहा, "वह जब भी मैदान पर उतरते हैं, अपनी छाप छोड़ना चाहते हैं। आपको उनके अनुभव पर विश्वास करना होगा। पूरी गेंदबाज़ी इकाई सामूहिक रूप से 20 विकेट लेने की कोशिश करेगी। हमें बेन से उम्मीद है।"

अगर इंग्लैंड की तेज़ गेंदबाज़ी की बात करें तो ऑली रॉबिंसन और मार्क वुड को अभी भी ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट मैच खेलना है, जबकि क्रिस वोक्स की औसत यहां पर 49.50 की रही है। हालांकि बटलर को भरोसा है कि यह गेंदबाज़ी इकाई 20 विकेट निकाल सकती है।

उन्होंने कहा, "हमें उन पर भरोसा है। इसलिए ही ये गेंदबाज़ यहां पर आए हैं। हम जिस भी एकादश के साथ मैदान पर उतरेंगे उनमें 20 विकेट लेने की क्षमता होगी।"