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मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन भविष्य में होगी एक आम बात : कोहली

"मैदान से कमरे में लौटने पर भी ख़ुद को खेल से बाहर रखना मुमकिन नहीं"

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली मानते हैं कि आने वाले समय में मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन एक आम बात होगी, ठीक उसी तरह जैसे आज फ़िज़िकल वर्कलोड मैनेजमेंट क्रिकेट का एक अहम हिस्सा है। कोहली ने आगे कहा कि वह नहीं चाहते कि ऐसी परिस्तिथि पैदा हो जिसमें खिलाड़ियों के पास खेल के अलावा और कुछ सोचने के लिए ही न हो।
कोविड-19 महामारी के बाद पिछले साल इंग्लैंड में क्रिकेट की दोबारा शुरुआत हुई जिसके बाद से खिलाड़ियों को एक अतिरिक्त मानसिक दबाव से गुज़रना पड़ रहा है। ख़ास तौर से उन खिलाड़ियों को जो दौरे पर जाते हैं, एक टीम के तौर पर इंग्लैंड ने इस दौरान काफ़ी क्रिकेट खेला है। इसी तरह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को भी ध्यान में रखते हुए भारतीय खिलाड़ियों को भी इन चुनौतियों का सामना करना पड़ा है जहां वे एक बायो-बबल से दूसरे बायो-बबल का रुख़ किया।
अब भारत को अगले चार महीनों में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फ़ाइनल खेलना है और साथ ही इंग्लैंड में ही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ भी खेलनी है और इसके ठीक बाद आईपीएल 2021 के बचे हुए मुक़ाबले और फिर टी20 वर्ल्ड कप में भी शिरकत करनी है। इन सबके बीच टीम इंडिया के एक और दल को जुलाई में श्रीलंका का दौरा भी करना है।
कोहली ने कहा, "जिस माहौल में हम सभी क्रिकेट खेल रहे हैं, अगर इसी तरह लंबे समय तक ये चलता रहा तो फिर खिलाड़ियों के सामने भी ये मानसिक चुनौती होगी। लिहाज़ा भविष्य में मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन एक आम बात हो सकती है। आप मैदान में जाते हैं और फिर जह अपने कमरे में लौटते हैं तो आपके पास ख़ुद को क्रिकेट से दूर रखने का कोई मौक़ा नहीं रहता। मैं नहीं चाहता कि हम जिस तरह से कड़ी मेहनत करते हैं और एक टीम की तरह रहते हैं तो फिर इस दौरान खिलाड़ी ख़ुद को मानसिक दबाव में महसूस करें और उनके पास ख़ुद के लिए भी समय न हो।"
हालांकि अच्छी बात ये है कि आईपीएल के स्थगित होने के बाद इस दौरे पर भारत के पास काफ़ी समय होगा। भारत में कोविड की दूसरी लहर की वजह से आईपीएल को बीच में ही स्थगित करना पड़ा था। तो वहीं इंग्लेड में पिछले एक साल में पहली बार ऐसा हुआ है कि कोविड की वजह से किसी की जान नहीं गई, साथ ही साथ तेज़ी से वैक्सीनेशन भी जारी है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फ़ाइनल 18 जून को समाप्त हो जाएगा और इसके बाद भारत को 4 अगस्त से इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पहला टेस्ट खेलना है यानी तब तक टीम इंडिया की टेस्ट टीम के पास ख़ाली समय रहेगा।
कोहली ने इस ब्रेक का स्वागत किया है और उन्होंने कहा कि इससे टीम की लय पर भी कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा। इस ख़ाली समय का वह अच्छा इस्तेमाल करेंगे और इस दौरान उनकी नज़र तैयारी पर होगी।
"मुझे लगता है ये हमारे लिए ख़ुद को तरोताज़ा करने और फ़ोकस करने का एक बेहतरीन मौक़ा होगा। उम्मीद है कि इंग्लैंड में परिस्तिथियां अच्छी रहेंगी। हम ख़ुद को कुछ दिनों के लिए खेल से दूर रख सकेंगे, लेकिन हमें पता है कि पांच मैचों की सीरीज़ का दबाव कैसा हो सकता है। मुझे लगता है कि लगातार बायो-बबल के अंदर बहुत ज़्यादा समय तक रहना मुश्किल होता। यहां हमें थोड़ा बाहर जाने का मौक़ा मिलेगा और हमारे पास ख़ुद को तरोताज़ा रखने का समय रहेगा। हमारे पास ख़ुद को तैयार करने का पर्याप्त वक़्त रहेगा, किसी लंबी सीरीज़ से पहले इस तरह का सेटअप टीम के लिए काफ़ी शानदार होता है। हमें अच्छी तरह मालूम है कि इंग्लैंड की सरज़मीं पर टेस्ट खेलना कितनी बड़ी चुनौती होती है। इसलिए हम इस समय का पूरी तरह फ़ायदा उठाने की कोशिश करेंगे।"

वरुण शेट्टी ESPNcricinfo में सब-एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिन्दी के मल्टीमीडिया जर्नलिस्ट सैयद हुसैन ने किया है।