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इंग्लैंड के दो ट्रॉफ़ी जीतने के सपने को पूरा करने में काम आएगा मोईन का आत्मविश्वास

पावरप्ले में गेंदबाज़ी के अलावा, कप्तान ने साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ नंबर तीन पर भेजकर जताया विश्वास

मोईन अली ने अब तक किफ़ायती गेंदबाज़ी की है  •  ICC/Getty Images

मोईन अली ने अब तक किफ़ायती गेंदबाज़ी की है  •  ICC/Getty Images

मोईन अली ने इंग्लैंड की जर्सी में वह सब कुछ हासिल कर लिया है, जो वह करना चाहते थे, लेकिन यह सप्ताह उनके अंतर्राष्ट्रीय करियर का सबसे अहम पड़ाव साबित हो सकता है। ऑस्‍ट्रेलिया और भारत के ख़िलाफ़ टेस्ट सीरीज़ जीत में मोईन अहम कड़ी रहे। उन्होंने आठ अंतर्राष्ट्रीय शतक लगाए हैं, पांच बार पांच विकेट और एक बार हैट्रिक ली है और 2019 विश्व कप जीत से वह लगातार वनडे टीम का हिस्सा हैं। लेकिन अगले छह दिन उनके लिए बेहद अहम हैं, क्योंकि यह​ ब्रिटिश एशियन खिलाड़ी दोनों विश्व कप ट्रॉफ़ी उठाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
प्रमुख टूर्नामेंटों के दौरान खिलाड़ियों के लिए मीडिया कर्तव्य एक धन्यवाद रहित कार्य है, कम से कम एक बायो बबल वातावरण में, जब खेल से स्विच करना पहले से ही कठिन होता है, और दोगुना इसलिए जब हाथ में मुद्दे इतने गंभीर होते हैं। मोईन से सोमवार दोपहर इंग्लैंड के प्रशिक्षण सत्र के बाद अज़ीम रफ़ीक के आरोपों पर यॉर्कशायर की रिपोर्ट, ड्रेसिंग रूम की विविधता और खेल के भीतर अपने स्वयं के अनुभवों के बारे में पूछा गया और वह इन मुद्दों पर खुलकर और संयम से बोले।
पिछले महीने तक सबसे महत्वपूर्ण धारणा यह रही है कि मोईन का फ़ॉर्म एक क्रिप्टोकरेंसी की क़ीमत से अधिक उतार-चढ़ाव करता है, लेकिन उन्होंने इसे ग़लत साबित कर दिखाया है। जिसके परिणाम इस विश्व कप में अब तक के प्रदर्शन में सामने आए हैं। वह पावरप्ले में अपने अधिकांश ओवरों को फेंकने के बावजूद सुपर 12 में इंग्लैंड के सबसे मज़बूत गेंदबाज़ थे और शनिवार को साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ लक्ष्य का पीछा करते हुए शॉर्ट बाउंड्री को टारगेट करने के लिए उन्हें नंबर तीन पर भेजा गया। यह इस विश्वास को ग़लत साबित करता है कि वह पिछले नवंबर और इस जून के बीच लगातार दस टी20 अंतर्राष्ट्रीय में बेंच पर बैठे रहे।
मोईन के आत्मविश्वास का श्रेय टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने को देना आसान होगा। अगर वह ऐसा नहीं करते तो उन्हें शीतकालीन ऐशेज़ का हिस्सा होना पड़ता और वह अपने परिवार से दूर हो जाते, लेकिन अब वह जनवरी में पांच टी20 मैचों के लिए वेस्टइंडीज़ दौरे से पहले अपने परिवार के साथ समय बिता सकते हैं।
लेकिन शायद अधिक प्रासंगिक कारण यह है कि मोईन इंग्लैंड की टी20 टीम में छोटी भूमिका लंबे समय तक निभाने के बाद फ़िर से मूल्यवान महसूस करने लगे हैं। श्रीलंका के ख़िलाफ़ दूसरे टी20 से बाहर रहने के बाद, उन्होंने इस प्रारूप में पिछले 41 मैचों में से केवल 12 ही खेले थे। इस दौरान उन्होंने केवल दो बार 12 से अधिक गेंद खेली और प्रति मैच औसतन 10.7 गेंदें फेंकी।
इंग्लैंड के पास प्रतिभाशाली ऑलराउंडरों की कभी कमी नहीं रही, लेकिन इंग्लैंड की उन्हें इस्तेमाल करने की अनिच्छा खुले बाजार में उनके मूल्य के विपरीत थी, क्योंकि चेन्नई सुपर किंग्स ने इस साल की आईपीएल नीलामी में उनके लिए 7 करोड़ (लगभग 690,000 यूरो) की बोली लगाई और उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। मोईन ने सोमवार को कहा कि उनके ख़िताब जीतने वाले सत्र में एक वरिष्ठ खिलाड़ी के रूप में उनकी भूमिका ने "बड़े पैमाने पर मदद की", न केवल उन्हें नया आत्मविश्वास दिया बल्कि बदले में इंग्लैंड को उनकी योग्यता की याद दिला दी।
उन्होंने कहा, "आत्मविश्वास ऊंचा है और मैं टीम में एक बड़े हिस्से की तरह महसूस करता हूं। मुझे बहुत महत्वपूर्ण भूमिकाएं मिली हैं और मैं अपने खेल और जिस तरह से हम एक टीम के रूप में खेल रहे हैं, उससे वास्तव में खुश हूं। नई गेंद के साथ या पावरप्ले के ठीक बाहर गेंदबाज़ी करना या फिर बल्लेबाज़ी क्रम में ऊपर जाना। जब मोर्ग्स [इयोन मॉर्गन] मेरा आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, तो यह हमेशा अच्छा होता है।
"मुझे लगता है कि मैं वास्तव में अच्छा खेल रहा हूं और कप्तान इसे देखते हैं और वह जितना हो सके मेरा उतना उपयोग करना चाहते हैं। चेन्नई ने मुझे नंबर तीन पर ज़िम्मेदारी दी, मुझे विश्वास दिलाया कि आप खेलने जा रहे हैं और टीम के साथ एक बड़ी भूमिका निभाएंगे। मुझे ऐसा लगा जैसे मैंने क्रिकेट और बल्लेबाज़ी के बारे में बहुत कुछ सीखा है। मैंने एमएस धोनी, कोच स्टीवन फ्लेमिंग, खिलाड़ियों और माइक हसी के साथ कुछ बेहतरीन बातचीत की। मुझे लगा जैसे मैं आगे बढ़ रहा था, मेरा खेल बेहतर और बेहतर होता गया।"
नतीजा यह है कि मोईन बल्ले और गेंद दोनों के साथ एक प्रमुख खिलाड़ी बन गए हैं, जो बेन स्टोक्स और सैम करन की अनुपस्थिति से छोड़े गए शून्य को भरता है। विडंबना यह है कि दोनों आईपीएल में चोटिल हुए। उन्हें टूर्नामेंट में पहले समझाया था कि वह पावरप्ले में गेंदबाज़ी करके बल्लेबाज़ों को हाथ खोलने का मौक़ा नहीं देंगे, लेकिन बाद में नई गेंद के साथ उनकी भूमिका को "विकेट लेने का अवसर" के रूप में देखा गया है।
बल्ले के साथ, वह नंबर तीन पर आए। घरेलू और फ़्रेंचाइज़ी क्रिकेट में उनका पसंदीदा स्थान। छह साल में पहली बार साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ शनिवार को वह इस नंबर पर उतरे। जॉस बटलर जब डगआउट में लौटे तो उन्होंने कहा यह काम कुछ ख़ास है। ऐसा इसीलिए क्योंकि वह तबरेज़ शम्सी और ऐडन मारक्रम पर छक्कों की बौछार कर चुके थे। अब बुधवार को होने वाले सेमीफ़ाइनल में उनके सामने मिचेल सैंटनर और ईश सोढ़ी होंगे, जो उनका अनुकूल मैच-अप होगा। ऐसे में इस भूमिका में वह दोबारा दिख सकते हैं।
मोईन ने कहा कि रविवार की रात इंग्लैंड को ट्रॉफ़ी उठाने में मदद करना "अद्भुत" होगा। 2019 में मैं सेमीफ़ाइनल और फ़ाइनल नहीं खेला। मैं स्पष्ट रूप से थोड़ा निराश था कि मैं नहीं खेल रहा था। इस बार मैं अच्छा प्रदर्शन करके टीम को ख़िताब जिताना चाहता हूं। उस टीम का हिस्सा बनना चाहता हूं जो सफ़ेद गेंद वाली क्रिकेट की दोनों ट्रॉफ़ियां जीती है।

मैट रोलर ESPNcricinfo में असिस्‍टेंट एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सब एडिटर निखिल शर्मा ने किया है।