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जब छह गेंदों में पलट गया मैच

कुछ ऐसे मुक़ाबले जिनके नाटकीय घटनाक्रमों ने मैच का रुख़ बदल दिया

यश झा
25-Apr-2022
Gujarat Titans mob Rahul Tewatia after his grand-stand finish, Gujarat Titans vs Punjab Kings, IPL 2022, Brabourne Stadium, Mumbai, April 8, 2022

राहुल तेवतिया के छक्कों ने दिलाई गुजरात को जीत  •  BCCI

आईपीएल का पहला चरण नाटकीय घटनाक्रमों के लिहाज़ से ज़रा भी कम नहीं रहा है। कई मैचों का अंत रोलर कोस्टर की तरह हुआ है। आइए, ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो फ़ोरकास्टर की नज़र से इस सीज़न के कुछ ऐसे ओवरों का रुख़ करते हैं, जिन्होंने मैचों के भाग्य में सबसे ज़्यादा उतार चढ़ाव प्रदान किया।
पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस, ब्रेबोर्न स्टेडियम, 20वां ओवर
ओवर के आग़ाज़ से पहले टाइटंस की जीत की संभावना 19.43 प्रतिशत ही थी।
नतीजा : टाइटंस ने जीत दर्ज कर ली।
राहुल तेवतिया का वह चमत्कार सबसे पहला स्थान पाने के क़ाबिल है। 190 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही गुजरात की टीम को आख़िरी ओवर में 19 रन बनाने थे। क्रीज़ पर सेट बल्लेबाज़ हार्दिक पंड्या और डेविड मिलर की मौजूदगी का मतलब था कि टाइटंस अभी भी उस मुक़ाबले को जीत सकते थे।
हालांकि अंतिम ओवर करने आए ओडीन स्मिथ की पहली गेंद वाइड जाने के बाद, पहली वैध गेंद पर हार्दिक रन आउट हो गए। अब गुजरात को जीत के लिए आख़िरी तीन गेंदों में 13 रनों की दरक़ार थी। स्मिथ के ओवरथ्रो ने तेवतिया को स्ट्राइक पर ला दिया। अब अंतिम दो गेंदों पर चाहिए थे 12 रन। फ़ोरकास्टर ने गुजरात की जीत की संभावना को 8.07 फ़ीसदी कर दिया था, लेकिन तेवतिया ने पंजाब के मुंह से जीत को छीन लिया।
मुंबई इंडियंस बनाम चेन्नई सुपर किंग्स, डीवाई पाटिल स्टेडियम, 20वां ओवर
अंतिम ओवर से पहले चेन्नई की जीत की संभावना महज़ 22.27 प्रतिशत थी।
परिणाम : मुक़ाबला चेन्नई के नाम रहा।
चेन्नई सुपर किंग्स को आख़िरी ओवर में जीत के लिए 17 रन बनाने थे। 19वें ओवर में जसप्रीत बुमराह की गेंदों पर ड्वेन प्रिटोरियस ने टीम के लिए कुछ अहम बाउंड्री निकाली थीं। महेंद्र सिंह धोनी 9 गेंदों पर 12 रन बनाकर खेल रहे थे, लेकिन सबसे अहम बिंदु यह था कि धोनी ने इससे पहले उनादकट की गेंदों पर 230 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे। चूंकि उनादकट ही आख़िरी ओवर डालने वाले थे, लिहाज़ा इन सभी पहलुओं ने चेन्नई की जीत की संभावना को 22.27 फ़ीसदी कर दिया था।
पहली गेंद पर प्रिटोरियस का पगबाधा होना। मैदान में ड्वेन ब्रावो की एंट्री और पहली गेंद पर उनके सिंगल लेने ने गत चैंपियन की जीत की संभावना को सात फ़ीसदी से भी कम कर दिया। चार गेंदों में 16 रनों की दरक़ार और धोनी के छक्के और चौके ने जीत की संभावना को अब 20.47 प्रतिशत कर दिया। आख़िरी गेंद पर चौके की आवश्यकता ने जीत की संभावना को 15.69 फ़ीसदी पर ला दिया, लेकिन फ़िनिशर माही ने मैच का परिणाम चेन्नई के पलड़े में झुका दिया।
पंजाब किंग्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, डीवाई पाटिल स्टेडियम, 18वां ओवर
ओवर के शुरु होने से पहले पंजाब किंग्स की जीत की संभावना : 22.17 प्रतिशत
ओवर की समाप्ति पर पंजाब किंग्स की जीत की संभावना : 97.87 प्रतिशत
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने स्कोरबोर्ड पर 205 रन लगाए थे। 15वें ओवर में ही शाहरुख़ ख़ान और ओडीन स्मिथ के रूप में पंजाब किंग्स की अंतिम भरोसेमंद जोड़ी बल्लेबाज़ी कर रही थी। अंतिम तीन ओवरों में पंजाब को जीत के लिए 36 रन बनाने थे और एक ओवर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के डेथ ओवरों के विशेषज्ञ और पिछले सीज़न के पर्पल कैप विजेता हर्षल पटेल को डालना था।
18वें ओवर में स्मिथ ने मोहम्मद सिराज का धागा खोलकर रख दिया। पहली तीन गेंदों पर 6, वाइड, 4, 6 मैच का पासा पंजाब के पक्ष में पलटने के लिए काफ़ी था। इन तीन गेंदों ने पंजाब की जीत की संभावना को 22.17 प्रतिशत से 90.44 प्रतिशत पर ला दिया। आख़िरी गेंद पर स्मिथ के एक और छक्के ने पंजाब की जीत की संभावना को लगभग 98 प्रतिशत कर दिया।
गुजरात टाइटंस बनाम चेन्नई सुपर किंग्स, डीवाई पाटिल स्टेडियम, 18वां ओवर
ओवर के आगाज़ से पहले गुजरात की जीत की संभावना : 4.20 प्रतिशत
ओवर की समाप्ति पर गुजरात की जीत की संभावना : 56.21 प्रतिशत
महीश थीक्षना और ब्रावो की शानदार गेंदबाज़ी ने आख़िरी तीन ओवर में चेन्नई सुपर किंग्स को फ़ेवरेट बना दिया था। गुजरात को जीत के लिए 48 रन बनाने थे और अधिक बल्लेबाज़ी भी नहीं बची हुई थी। सब कुछ चेन्नई के पक्ष में जा रहा था।
इसके बाद ही उस मुक़ाबले में गुजरात की कप्तानी कर रहे राशिद ख़ान ने क्रिस जॉर्डन के ओवर में 6,6,4 और 6 जड़ दिए। ओवर में 25 रन गए और मैच का पलड़ा गुजरात के पक्ष में घूम गया। उनकी जीत की संभावना 56 प्रतिशत तक पहुंच गई, लेकिन ब्रावो की 19वें ओवर में शानदार गेंदबाज़ी और आख़िरी ओवर कर रहे जॉर्डन की पहली दो डॉट गेंदों के बाद गुजरात को जीत के लिए चार गेंदों में 13 रन बनाने थे। अब यहां से, उनकी जीत की संभावना 17.05 फ़ीसदी पर आ गई, लेकिन मिलर ने एक गेंद शेष रहते उन्हें यह मुक़ाबला जिता दिया।
दिल्ली कैपिटल्स बनाम मुंबई इंडियंस, ब्रेबोर्न स्टेडियम, 18वां ओवर
ओवर की शुरुआत से पहले दिल्ली कैपिटल्स की जीत की संभावना : 54.58 फ़ीसदी
ओवर की समाप्ति पर जीत की संभावना : 99.04 फ़ीसदी
मुंबई इंडियंस के 177 रनों के जवाब में दिल्ली कैपिटल्स 14 ओवर में 113 पर 6 की स्थिति में थे। अंतिम पांच ओवरों में दिल्ली को जीत के लिए 56 रन चाहिए थे और ललित यादव और अक्षर पटेल क्रीज़ पर मौजूद थे। इसके अगले दो ओवरों में दोनों ने साथ मिलकर 28 रन जोड़ डाले, जिसके परिणामस्वरूप दिल्ली की जीत की संभावना 13.40 प्रतिशत से 54.58 प्रतिशत तक पहुंच गई।
मुंबई की जीत की उम्मीदें 18वें ओवर में समाप्ति की कगार पर पहुंच गईं। डेनियल सैम्स के ओवर में ललित और अक्षर की जुगलबंदी ने 24 रन जोड़ दिए। ललित ने एक छक्का व एक चौका लगाया, जबकि अक्षर ने सैम्स की गेंद पर दो छक्के लगाए। अब दिल्ली को जीत के लिए दो ओवर में जीत के लिए महज़ चार रनों की दरक़ार थी, जिसे अक्षर ने दस गेंदें शेष रहते हासिल कर लिया।
लखनऊ सुपर जायंट्स बनाम चेन्नई सुपर किंग्स, ब्रेबोर्न स्टेडियम, 19वां ओवर
ओवर के आग़ाज़ से पहले लखनऊ की जीत की संभावना : 7.86 फ़ीसदी
ओवर की समाप्ति पर लखनऊ की जीत की संभावना : 44.84 फ़ीसदी
211 रनों के विशालकाय लक्ष्य का पीछा कर रही लखनऊ की टीम को जीत के लिए अभी भी दो ओवर में 34 रनों की ज़रूरत थी। हालांकि चेन्नई सुपर किंग्स ने 19वें ओवर में शिवम दुबे को गेंद थमा दी, जिन्होंने इस मैच में एक भी ओवर नहीं डाला था। ब्रावो और प्रिटोरियस के ओवर समाप्त हो चुके थे। इसके बावजूद फ़ोरकास्टर ने चेन्नई के जीतने की भविष्यवाणी की थी। चेन्नई की जीत की संभावना 92.14 फ़ीसदी थी।
दुबे की पहली गेंद को आयुष बदोनी ने घुटने के बल झुकते हुए स्क्वेयर लेग के ऊपर से स्टैंड्स में जड़ दिया। दो लगातार वाइड गेंदों ने लखनऊ के ख़ेमे में जान फूंक दी। इसके बाद एविन लुइस ने आख़िरी तीन गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाकर इसे 25 रनों के महंगे ओवर में तब्दील कर दिया। अब आख़िरी ओवर में लखनऊ को जीत के लिए महज़ 9 रन चाहिए थी। दो वाइड गेंदों के बाद बदोनी के छक्के और लुइस की पारी की बदौलत लखनऊ ने तीन गेंद शेष रहते मुक़ाबले को जीत लिया।

अनुवाद ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो हिंदी में एडिटोरियल फ़्रीलांसर नवनीत झा ने किया है।